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🏏 जब एक्सपेरिमेंट बना स्टेटमेंट: RCB के लिए No.5 पर चमकीं राधा यादव

कभी-कभी क्रिकेट में लिए गए फैसले सिर्फ रणनीति नहीं होते, वे पहचान का एलान बन जाते हैं।
RCB के लिए ऐसा ही एक लम्हा तब आया, जब टीम की टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ी पावरप्ले के भीतर ही ढह गई और स्कोरबोर्ड पर चार विकेट गिर चुके थे।

उस वक्त क्रीज़ पर आईं रिचा घोष, लेकिन असली सवाल यह था—
👉 क्या RCB का मिडिल-ऑर्डर एक्सपेरिमेंट दबाव में टिक पाएगा?

और जवाब आया—राधा यादव के बल्ले से।


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😬 43/4 पर फंसी RCB, सामने थी असली परीक्षा

RCB ने इस मैच में एक साहसिक फैसला लिया था—
रिचा घोष की विस्फोटक बल्लेबाज़ी को थोड़ा देर से इस्तेमाल करना।
लेकिन जब पावरप्ले खत्म होने से पहले ही टॉप-4 पवेलियन लौट गई, तो यह योजना खतरे में दिखने लगी।

राधा यादव को No.5 पर भेजा गया—
एक ऐसा नंबर जहां वह शायद ही कभी इस स्तर पर बल्लेबाज़ी करती आई हों।


🌱 No.8 से No.5 तक: राधा यादव का लंबा सफर

इस टूर्नामेंट से पहले:

  • राधा ने अपने 50 में से 39 मैच No.8 या उससे नीचे खेले थे

  • लेकिन घरेलू क्रिकेट (बड़ौदा) में वह सालों से मिडिल ऑर्डर की ज़िम्मेदारी निभाती रही हैं

पूजा वस्त्राकर की चोट के बाद RCB मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा दिखाया—
और राधा ने उस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया।


🧠 संयम से आक्रामकता तक: राधा की स्मार्ट पारी

राधा की शुरुआत शांत थी:

  • पहली 10 गेंदों में सिर्फ 3 रन

  • विकेट गिर चुके थे, इसलिए जल्दबाज़ी नहीं

लेकिन जैसे ही उन्होंने खुद को सेट किया, कहानी बदलने लगी।

स्पिन हो या पेस—

  • उन्होंने ड्राइव, फ्लिक और पुल से गैप ढूंढे

  • शुरुआत में ज़मीन पर खेलीं

  • जोखिम लिए बिना रन बटोरे

फिर आया वो पल, जब उन्होंने जॉर्जिया वेयरहैम की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार छक्का जड़ दिया।


📈 रनों की रफ्तार: पारी का ब्रेकडाउन

  • गेंद 1–10 → 3 रन

  • गेंद 11–20 → 19 रन

  • गेंद 21–30 → 13 रन

  • गेंद 31–40 → 25 रन

  • गेंद 41–47 → 6 रन

धीरे-धीरे राधा ने गियर बदले और WPL सीज़न में अर्धशतक लगाने वाली तीसरी भारतीय बल्लेबाज़ बनीं।


🤝 रिचा घोष के साथ मैच जिताऊ साझेदारी

राधा और रिचा ने मिलकर:

  • 66 गेंदों में 105 रन जोड़े

  • टीम को मुश्किल से निकालकर मजबूत स्कोर तक पहुंचाया

राधा ने खुद माना कि इस पारी में रिचा की बातचीत और भरोसा बेहद अहम रहा।

“रिचा ने मुझसे कहा—शांत रहो, डॉट बॉल आएंगी, घबराओ मत। हमें बाद में मौके मिलेंगे।”


🗣️ कप्तान स्मृति मंधाना का भरोसा

मैच के बाद स्मृति मंधाना ने साफ कहा:

“राधा हमेशा से स्टेट क्रिकेट में यही रोल निभाती रही हैं।
अगर किसी ने घरेलू क्रिकेट में उस नंबर पर रन बनाए हैं, तो आपको उन्हें मौका देना चाहिए।”


🏆 एक जीत नहीं, एक संदेश

नदीने डी क्लर्क की आखिरी तेज़ पारी के साथ RCB ने 32 रन से जीत दर्ज की।
तीन मैच, तीन जीत—और पॉइंट्स टेबल में टॉप।

राधा यादव की यह पारी सिर्फ रन नहीं थी—
यह एक स्टेटमेंट थी कि वह अब सिर्फ गेंदबाज़ नहीं,
बल्कि RCB की भरोसेमंद No.5 बल्लेबाज़ भी हैं।


🧩 अभी भी बाकी हैं सवाल…

हालांकि:

  • RCB का टॉप-ऑर्डर बैलेंस

  • और पावरप्ले में Linsey Smith का इस्तेमाल

अब भी चर्चा का विषय है।
लेकिन फिलहाल, नतीजे टीम मैनेजमेंट के फैसलों के पक्ष में हैं।


🏁 निष्कर्ष

जब:

  • दबाव था

  • मौके थे

  • और निगाहें टिकी थीं

👉 राधा यादव तैयार थीं।

एक एक्सपेरिमेंट,
एक भरोसा,
और एक पारी—
जिसने उन्हें RCB के मिडिल ऑर्डर की पहचान बना दिया।

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