🎭 “मेरे खिलाफ साज़िश थी” — 2017 एक्ट्रेस रेप केस में एक्टर दिलीप बरी, 8 साल पुराने मामले का अंत
केरल के चर्चित 2017 अभिनेत्री अपहरण और दुष्कर्म मामले में सोमवार को बड़ा फैसला आया।
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता दिलीप को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया।
दूसरी ओर, मामले में शामिल कुल 9 आरोपियों में से 6 को दोषी करार दिया गया है।
⚖️ क्या कहा कोर्ट ने?
एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि:
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प्रॉसिक्यूशन यह साबित करने में असफल रहा कि दिलीप का इस साजिश में कोई सीधा रोल था।
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इस वजह से दिलीप को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।
फैसले के बाद दिलीप कोर्ट के बाहर भावुक दिखे और उन्होंने कहा:
“यह मेरे खिलाफ रची गई साज़िश थी।
मैं उन सभी का शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने इस कठिन समय में मेरा साथ दिया।”
👥 कौन-कौन थे आरोपी?
मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे, उनके नाम:
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सुनिल एनएस (पल्सर सुनी)
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मार्टिन एंटनी
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मणिकंदन बी
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विजेश वीपी
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सलीम एच
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प्रदीप
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चार्ली थॉमस
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सानिल कुमार (मेस्थ्री सानिल)
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शरथ
इनमें से पहले 6 आरोपी दोषी पाए गए, जबकि तीन अन्य—दिलीप समेत—बरी हो गए।
🕊️ पीड़िता भी मौजूद रही — 8 साल लंबी कानूनी लड़ाई का अंत
इस मामले की पीड़िता, जो मलयालम और तमिल सिनेमा में जानी-मानी अभिनेत्री हैं,
फैसला सुनने कोर्ट में मौजूद थीं।
उनकी हिम्मत और लगातार कानूनी लड़ाई ने इस मामले को पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया था।
📅 क्या हुआ था 2017 में?
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17 फरवरी 2017, रात में
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अभिनेत्री का अपहरण किया गया
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लगभग दो घंटे तक कार में यौन शोषण किया गया
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आरोपियों ने वारदात रिकॉर्ड भी की और फिर फरार हो गए
प्रॉसिक्यूशन का दावा था कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था और दिलीप ने इसे प्लान किया था।
अक्टूबर 2023 में उन पर सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगा था।
🧩 मामला क्यों कमजोर पड़ा?
लंबे चले ट्रायल में कई बाधाएँ सामने आईं:
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261 गवाहों में से 28 मुकर गए
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दो विशेष अभियोजक बीच में ही इस्तीफा देकर चले गए
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पीड़िता की जज बदलने की याचिका खारिज कर दी गई
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438 दिनों तक गवाहों की जिरह चली
प्रॉसिक्यूशन ने
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833 दस्तावेज़
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142 सबूत,
जबकि डिफेंस ने -
221 दस्तावेज़ पेश किए।
इतने बड़े केस में गवाहों के मुकरने से अभियोजन का केस काफी कमजोर हो गया।
🏁 निष्कर्ष: एक विवादास्पद अध्याय का पटाक्षेप
करीब 8 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद यह मामला एक निर्णायक मोड़ पर पहुँचा है।
दिलीप अब कानूनन निर्दोष हैं, जबकि छह दोषियों पर सज़ा तय की जाएगी।
यह केस न सिर्फ़ फिल्म इंडस्ट्री, बल्कि भारत की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था में भी
एक लंबे समय तक चर्चा में रहेगा।
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