कांवर यात्रा नेम प्लेट विवाद: बीजेपी और ओवैसी के बीच तीखी बयानबाजी

नई दिल्ली- कांवर यात्रा रूट पर दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के यूपी सरकार के फैसले को लेकर विवाद गरमा गया है। इस विवाद में बीजेपी और असदुद्दीन ओवैसी के बीच तीखी बयानबाजी हो रही है। ओवैसी ने इसे मुसलमानों के प्रति नफरत का प्रतीक बताया, जबकि बीजेपी ने ओवैसी को जिन्ना की भूमिका में बताया।

 ओवैसी का बयान

असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूपी सरकार का यह फैसला मुसलमानों के खिलाफ भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा, “यह भारत में मुसलमानों के खिलाफ घृणा को दर्शाता है। इस तरह का माहौल बनाने की जिम्मेदारी राजनीतिक दलों की है और तथाकथित सेक्युलर पार्टियां भी इसमें शामिल हैं।”

 बीजेपी का पलटवार

बीजेपी के नेता सुकांत मजूमदार ने ओवैसी पर पलटवार करते हुए कहा, “ओवैसी जिन्ना की भूमिका निभा रहे हैं। विपक्ष झूठ बोलकर लोगों को गुमराह कर रहा है। आईएसआई की तरह का नोटिफिकेशन मुलायम सिंह यादव की सरकार में भी जारी किया गया था।”

 अन्य राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा, “इस तरह के एजेंडे केवल देश को बांटने का काम करेंगे। यूपी में कांवर यात्रा रूट पर रेहड़ी वालों को भी मालिक के नाम की नेम प्लेट लगानी होगी। क्या यही विकसित भारत का रास्ता है?”

जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा, “यह सांप्रदायिक फेलता है और इससे देश विरोधी तत्वों को मौका मिल जाएगा।”

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, “बीजेपी का अगला लक्ष्य दलित होंगे। उन्होंने पहले मुसलमानों के अधिकारों के साथ छेड़छाड़ की, अब वह दलितों और पिछड़ों पर हमला करेंगे क्योंकि वह एक अलग सिस्टम बनाना चाहते हैं।”

शिवसेना के सांसद संजय रावत ने भी बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, “बीजेपी को इससे कोई फायदा नहीं होगा। बीजेपी केवल देश को तोड़ने में लगी है।”

 निष्कर्ष

कांवर यात्रा रूट पर दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के फैसले ने राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। इस विवाद में जहां एक ओर ओवैसी और अन्य विपक्षी दल इसे भेदभावपूर्ण बता रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे सही ठहरा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है और इसके क्या परिणाम होते हैं।

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