महुआ मोइत्रा ने योगी आदित्यनाथ को दी चुनौती! यूपी सरकार के कांवड़ यात्रा आदेश पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार के विवादास्पद आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का निर्देश दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका
महुआ मोइत्रा ने सोमवार, 22 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने यूपी सरकार के इस आदेश को चुनौती दी है। महुआ का कहना है कि ऐसे आदेश समाज में विभाजन को बढ़ावा देते हैं और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। अभी याचिका पर सुनवाई होना बाकी है।
सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार का आरोप
महुआ मोइत्रा का कहना है कि तीर्थयात्रियों के खाने के विकल्पों के सम्मान के बहाने, दुकानदारों और कर्मचारियों को उनके नाम प्रकट करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक बहाना बताया और कहा कि इससे मुस्लिम दुकानदारों और श्रमिकों का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार हो रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “अगर चिराग पासवान और जयंत चौधरी सचमुच इस फैसले के विरोधी हैं तो उन्हें सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए। यह फैसला गरीबों की गरीबी को सबके सामने लाने का प्रयास है। जनता 2024 के चुनाव में इसका जवाब देगी।”
निष्कर्ष
यह मामला न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर क्या फैसला सुनाती है और इसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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इस पोस्ट में हमने महुआ मोइत्रा द्वारा योगी आदित्यनाथ सरकार के विवादास्पद आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के बारे में जानकारी दी है। यदि आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और अपनी राय कमेंट में बताएं।
