Site icon Satya Chakra

बॉलीवुड को ‘रूढ़िवादी और नकली’ कहने वाले बाबिल खान ने मचाई हलचल, परिवार ने दी सफाई

बाबिल

नई दिल्ली:

दिवंगत अभिनेता इरफान खान के बेटे और उभरते अभिनेता बाबिल खान हाल ही में एक इमोशनल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गए।

इस वीडियो में वे काफी भावुक और आंसुओं से भरे हुए नजर आए, जिसमें उन्होंने खुद को फिल्म इंडस्ट्री में “अलग-थलग” महसूस करने की बात कही। हालांकि, अब इस वीडियो को लेकर उनके परिवार और टीम की ओर से एक आधिकारिक बयान सामने आया है।

 वायरल वीडियो में क्या कहा बाबिल ने?
इस वीडियो में बाबिल ने शनाया कपूर, अनन्या पांडे, अर्जुन कपूर, सिद्धांत चतुर्वेदी, राघव जुयाल, आदर्श गौरव और अरिजीत सिंह जैसे नामों का ज़िक्र करते हुए कहा था:

मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि बॉलीवुड बहुत ज़्यादा f****d है। बॉलीवुड बहुत ही रूड है। लेकिन इन नामों के लोग सच्चे हैं…।”

इस वीडियो ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया और कई लोगों ने इसे इंडस्ट्री पर सीधा हमला मान लिया।

 परिवार और टीम ने क्या कहा?
बाबिल की टीम और परिवार ने इस वीडियो को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। बयान में कहा गया:

“पिछले कुछ सालों में बाबिल खान को उनके अभिनय और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करने के लिए काफी सराहना मिली है। यह वीडियो उनके एक कठिन दिन का हिस्सा था, और किसी भी इंसान की तरह, उन्हें भी ऐसे दिन अनुभव होते हैं। हम उनके सभी शुभचिंतकों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि वह सुरक्षित हैं और जल्द ही बेहतर महसूस करेंगे।”

बयान में आगे कहा गया:

“इस वीडियो में बाबिल अपने उन साथियों की ईमानदारी से प्रशंसा कर रहे थे, जो आज के सिनेमा को बेहतर दिशा देने में लगे हैं। उन्होंने जिन नामों का उल्लेख किया — जैसे अनन्या पांडे, शनाया कपूर, सिद्धांत चतुर्वेदी, राघव जुयाल, आदर्श गौरव, अर्जुन कपूर और अरिजीत सिंह — ये सभी उनके अनुसार इंडस्ट्री में सच्चाई, जुनून और भावनात्मक गहराई बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।”

 मीडिया और जनता से अपील
बयान के अंत में कहा गया:

“हम मीडिया और जनता से अनुरोध करते हैं कि वे बाबिल के शब्दों को संपूर्ण संदर्भ में समझें, ना कि केवल वायरल क्लिप्स के आधार पर निष्कर्ष निकालें।”

 मानसिक स्वास्थ्य पर बाबिल की खुली सोच
बाबिल खान पहले भी मेंटल हेल्थ पर अपनी ईमानदार बातों को लेकर तारीफ पा चुके हैं। वे अक्सर अपने विचार सोशल मीडिया के ज़रिए साझा करते हैं और यह उनकी वास्तविकता को दर्शाता है — एक ऐसा अभिनेता जो केवल पर्दे पर नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे भी सच्चा रहना चाहता है।

निष्कर्ष
बाबिल खान का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर भावनात्मक अभिव्यक्ति को तोड़-मरोड़ कर कैसे पेश किया जा सकता है। एक युवा कलाकार के दर्द को समझने के बजाय, उस पर झूठे आरोप लगाए जाना न सिर्फ़ अनुचित है, बल्कि इंडस्ट्री के भीतर ईमानदारी को भी हतोत्साहित करता है।

बाबिल का यह कदम बताता है कि वे सिर्फ एक स्टारकिड नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कलाकार हैं जो सिनेमा और समाज दोनों में सच्चाई की जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

Also Read:

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जनरल नरवणे का संदेश: “अभी पिक्चर बाकी है…” – आतंक के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का आतंक पर प्रहार और दो शेरनियों की वीरगाथा

Exit mobile version