Hyundai Motor India ने हाल ही में मार्च तिमाही (Q4 FY25) के नतीजे जारी किए, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में सोमवार, 19 मई को गिरावट देखी गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) 4% घटकर ₹1,614 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,677 करोड़ था। इसके चलते निवेशकों की धारणा थोड़ी कमजोर हुई और शेयर 1.16% गिरकर ₹1,834.10 पर बंद हुए।
घरेलू बिक्री में गिरावट बनी चिंता की वजह
Hyundai Motor India की घरेलू बिक्री में गिरावट देखी गई। मार्च तिमाही में कंपनी ने 1,53,550 यूनिट्स बेचीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1,60,317 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। यह गिरावट सीधे तौर पर मुनाफे पर असर डालती है, और यही इस तिमाही की प्रमुख वजह रही।
तिमाही नतीजों की मुख्य बातें:
ऑपरेशन से कुल राजस्व ₹17,940 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹17,671 करोड़ था। यानी हल्का सुधार जरूर देखा गया।
निर्यात (Export) में अच्छी बढ़ोतरी रही – इस तिमाही में 38,100 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जबकि पिछली बार यह आंकड़ा 33,400 था।
पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में, Hyundai का संघटित शुद्ध लाभ (PAT) 7% गिरकर ₹5,640 करोड़ रहा, जो FY24 में ₹6,060 करोड़ था।
कंपनी की कुल सालाना आय ₹69,193 करोड़ रही, जो पिछले वित्त वर्ष ₹69,829 करोड़ थी – यानि हल्की गिरावट।
घरेलू बिक्री पूरे साल के दौरान 598,666 यूनिट्स रही, जो FY24 में 614,721 थी।
निर्यात सालभर में लगभग स्थिर रहा – 163,386 यूनिट्स (FY25) बनाम 163,155 यूनिट्स (FY24)।
कंपनी ने FY25 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹21 का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।
Hyundai का भविष्य का प्लान – EVs, SUV और निवेश
Hyundai केवल वर्तमान पर ही नहीं, भविष्य को लेकर भी गंभीर रणनीति बना रही है। कंपनी ने FY30 तक 26 नए मॉडल (20 ICE और 6 EV) लॉन्च करने की योजना बनाई है। COO तरुण गर्ग के मुताबिक, FY27 तक इनमें से 8 मॉडल बाजार में लाए जाएंगे। Hyundai का फोकस SUV सेगमेंट पर बना रहेगा, जो FY25 में कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 69% हिस्सा रहा।
निवेश और विस्तार की योजना
Hyundai ने FY26 के लिए ₹7,000 करोड़ के पूंजीगत निवेश (Capex) की घोषणा की है। इसमें से:
40% निवेश पुणे प्लांट में किया जाएगा।
25% निवेश नए प्रोडक्ट्स पर होगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर Hyundai की सोच
तरुण गर्ग का मानना है कि 2030 तक EV सेगमेंट में 13-14% तक की पैठ हो सकती है। Hyundai चाहती है कि उसकी EV मार्केट में हिस्सेदारी ICE वाहनों से भी ज़्यादा हो। इसके लिए कंपनी न केवल मॉडल लाइन-अप पर काम कर रही है, बल्कि DC फास्ट चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मज़बूती देने की योजना बना रही है।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया – उम्मीद और सतर्कता का मिला-जुला रुख
HMIL के MD Unsoo Kim ने कहा:
“पिछला साल हमारे लिए कई चुनौतियों से भरा था, लेकिन हमने राजस्व को स्थिर बनाए रखा और ऑपरेटिंग मार्जिन को प्रभावी लागत नियंत्रण की मदद से मजबूत रखा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा:
“हालांकि निकट भविष्य में घरेलू मांग को लेकर हम थोड़े सतर्क हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि FY26 में हमारी निर्यात वॉल्यूम 7-8% तक बढ़ सकती है। हम अपने ब्रांड की वैश्विक पहचान का फायदा उठाएंगे।”
तरुण गर्ग ने जोड़ा:
“2030 तक हम EV सेगमेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि EV मार्केट शेयर में Hyundai की हिस्सेदारी ICE वाहनों से भी बेहतर हो।”
निष्कर्ष: Hyundai के लिए मिला-जुला साल, लेकिन भविष्य की तैयारी पूरी
Hyundai Motor India के लिए FY25 एक मिश्रित अनुभव रहा – राजस्व में मामूली गिरावट, घरेलू बिक्री में दबाव, लेकिन निर्यात और EV प्लान में मजबूती देखने को मिली। कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि वह SUV और EV सेगमेंट को लेकर बहुत स्पष्ट रणनीति पर काम कर रही है और आने वाले वर्षों में भारतीय और वैश्विक बाजारों में अपनी पकड़ और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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