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भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। कश्मीर में हालिया आतंकी हमले के बाद बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बाजार पर क्या पड़ रहा है असर?
पिछले 5 दिनों में  सेंसेक्स और निफ्टी 50 में लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, शुक्रवार को भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण बाजार में तेज गिरावट देखी गई।

– निफ्टी: 50: 24,039.35 (-0.9%)
– सेंसेक्स: 79,212.53
– इंडिया VIX (वॉलैटिलिटी इंडेक्स): 11% की बढ़त

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका का कहना है:

“ग्लोबल क्यूज़ के सपोर्ट से बाजार में पॉजिटिव शुरुआत हुई, लेकिन कश्मीर में आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव बढ़ने से प्रॉफिट बुकिंग का दबाव आया। निफ्टी IT सेक्टर को छोड़कर बाकी सेगमेंट्स में गिरावट रही।”

किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर?
– एविएशन और होटल स्टॉक्स: कश्मीर में पर्यटकों पर हमले के बाद इन सेक्टर्स में बिकवाली देखी गई।
– IT सेक्टर: नास्डैक के मजबूत प्रदर्शन की वजह से 0.7% की बढ़त दर्ज की।

 

इतिहास क्या कहता है? कितनी गिरावट आ सकती है?
जियोजिट इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर के अनुसार:
“भारतीय अर्थव्यवस्था ने पहले भी जियो-पॉलिटिकल टेंशन को झेला है। घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत होने की वजह से बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना कम है। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह अच्छा मौका हो सकता है कि वे क्वालिटी स्टॉक्स में संचय करें।”

अनंद राठी की रिपोर्ट के मुताबिक:
– 2001 संसद हमले के समय भारतीय बाजार में 2% से ज्यादा की गिरावट नहीं आई थी।
– औसतन, युद्ध या तनाव के दौरान बाजार में 7% तक की गिरावट देखी गई है।
– अगर तनाव बढ़ता है, तो निफ्टी 50 में 5-10% तक की कॉरेक्शन हो सकती है।

आगे क्या रणनीति अपनाएं?

एंजल वन के राजेश भोसले का कहना है:
“निफ्टी ने 24,000 के स्तर को पार किया था, लेकिन तनाव के कारण शुक्रवार को गिरावट आई। अगर यह तनाव बढ़ता है, तो निफ्टी 23,500-23,300 के स्तर तक गिर सकता है।”

निवेशकों के लिए सुझाव:
लॉन्ग-टर्म निवेशक: डिप्स का फायदा उठाकर क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश करें।
शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: 24,250-24,350 (निफ्टी) के रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखें।
मिडकैप स्टॉक्स: चुनिंदा तरीके से निवेश करें, क्योंकि यह सेक्टर अभी अस्थिर है।

निष्कर्ष: क्या करें निवेशक?
भारत-पाकिस्तान तनाव का असर बाजार पर अल्पकालिक हो सकता है। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और घरेलू निवेशकों का सपोर्ट बाजार को स्थिर रख सकता है। निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।

क्या आपको लगता है कि बाजार में और गिरावट आएगी? कमेंट में अपनी राय दें!

डिस्क्लेमर: यह लेख शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। निवेश संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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