22 अप्रैल 2025 | भवनाथपुर, झारखंड – अप्रैल के महीने में ही झारखंड का मौसम आग उगलने लगा है। गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। न बच्चे सुरक्षित हैं, न बुजुर्ग – हर कोई इस प्रचंड गर्मी से बेहाल है।
🔥 गर्मी की मार: जीवन हुआ अस्त-व्यस्त
इस बेतहाशा गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह से उलट-पुलट कर दिया है।
दोपहर के समय सड़कें सुनसान हो जाती हैं।
स्कूल जाने वाले बच्चे, दिहाड़ी मजदूर, छोटे दुकानदार, और वाहन चालक सभी गर्मी की मार झेल रहे हैं।
लू और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
लोग अब सुबह जल्दी या देर शाम ही घर से बाहर निकलने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं।
🏫 स्कूलों में परेशानी: न ठंडा पानी, न पंखे!
स्कूलों की हालत भी चिंताजनक है।
ज़्यादातर स्कूलों में ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।
पंखे और कूलर भी जवाब दे चुके हैं।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ रहे हैं।
अभिभावकों और शिक्षकों ने प्रशासन से स्कूल का समय घटाने या गर्मी की छुट्टियां पहले घोषित करने की मांग की है।
पानी की किल्लत: सूख रहे हैं हैंडपंप, सोलर जलमीनार ठप
तेज गर्मी के साथ-साथ अब पेयजल संकट भी सिर उठाने लगा है।
कई हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं।
सोलर जल मीनारों की सप्लाई भी ठप है।
महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर हैं।
पूरे दिन का बड़ा हिस्सा सिर्फ पानी ढोने में ही निकल रहा है।
स्वास्थ्य केंद्रों में बढ़ते मरीज
भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है:
स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
🙏 जनता की मांग: तुरंत राहत दे प्रशासन
भवनाथपुर की जनता प्रशासन से निम्न राहतों की मांग कर रही है:
✅ स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टियां घोषित की जाएं
✅ पेयजल संकट के समाधान के लिए टैंकर और वैकल्पिक व्यवस्था की जाए
✅ सार्वजनिक स्थलों पर ठंडे पानी और छांव की व्यवस्था हो
✅ स्वास्थ्य केंद्रों में गर्मी से निपटने के लिए विशेष सुविधा दी जाए
अगर समय रहते प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो हालात और बिगड़ सक
Also Read:

