कर्नाटक बोर्ड की ओर से कक्षा 10वीं (SSLC) के परीक्षा परिणाम 2 मई 2025 को घोषित कर दिए गए हैं और इस बार के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पूरे राज्य में 22 छात्रों ने 625 में से 625 अंक प्राप्त कर टॉपर्स की सूची में पहला स्थान हासिल किया है। यह एक रिकॉर्ड उपलब्धि मानी जा रही है।
इस बार का रिजल्ट रहा खास
कर्नाटक स्कूल एग्जामिनेशन एंड असेसमेंट बोर्ड (KSEAB) द्वारा इस बार SSLC परीक्षा मार्च 21 से अप्रैल 4, 2025 तक पूरे राज्य में आयोजित की गई थी। इस साल 8,96,447 छात्रों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 4,61,563 लड़के और 4,34,884 लड़कियां शामिल थीं। ये छात्र 15,881 हाई स्कूलों से आए थे।
पास प्रतिशत में बढ़ोतरी
इस साल का पास प्रतिशत 62.34% रहा, जो पिछले साल की तुलना में करीब 9% अधिक है। यह संकेत देता है कि बोर्ड द्वारा लागू किए गए नए मूल्यांकन मापदंड और परीक्षा प्रणाली में बदलाव सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।
टॉपर्स की बात करें तो:
22 छात्रों ने पूरे 625/625 अंक प्राप्त किए
यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में छात्रों ने पूर्णांक प्राप्त किए हैं
पिछले साल मात्र 1 छात्र ने 625 अंक पाए थे
मूल्यांकन प्रक्रिया
इस साल 65,000 से अधिक शिक्षकों ने 240 मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य को अंजाम दिया। इतनी बड़ी व्यवस्था के कारण परीक्षा परिणामों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रही।
ऐसे करें ऑनलाइन रिजल्ट चेक:
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – karresults.nic.in या kseab.karnataka.gov.in
होमपेज पर “Karnataka SSLC Result 2025” लिंक पर क्लिक करें
रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें
आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा
PDF डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंट आउट निकालें
पिछली वर्षों की तुलना:
2022 में पास प्रतिशत था: 85.13%
2023 में घटकर हुआ: 83.89%
2024 में और घटकर रह गया: 73.40%
2025 में वापस उछाल के साथ: 62.34%
बोर्ड ने भी इस बार स्टूडेंट्स के हित में कुछ बदलाव किए, जैसे:
क्वालिफाइंग मार्क्स को 35% से घटाकर 25% कर दिया गया है
ग्रेड मार्क्स की नॉर्मलाइजेशन को 10% से बढ़ाकर 20% किया गया है चौंकाने वाले तथ्य:
कर्नाटक की 78 स्कूलों में एक भी छात्र पास नहीं हो सका
इनमें से 3 स्कूल बेंगलुरु में स्थित हैं
निष्कर्ष:
इस साल का कर्नाटक SSLC रिजल्ट विद्यार्थियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है। खासकर उन 22 छात्रों की उपलब्धि, जिन्होंने 625 में से 625 अंक प्राप्त किए हैं, आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। इससे यह भी साबित होता है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और सकारात्मक नीतियां मिलकर शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती हैं।
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