नवदीप सिंह ने पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स में रचा इतिहास, जीता स्वर्ण पदक
पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स में भारतीय एथलीट नवदीप सिंह ने भाला फेंक (F41 वर्ग) में नए पैरालिंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। नवदीप की इस उपलब्धि ने न केवल भारत के लिए पहला पदक सुनिश्चित किया, बल्कि उन्होंने पूर्व पैरालिंपिक चैंपियन सुन पेंग्शियांग के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
नवदीप का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
नवदीप सिंह ने 47.32 मीटर की दूरी तय करते हुए न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि टोक्यो 2020 में स्थापित पुराने पैरालिंपिक रिकॉर्ड (47.13 मीटर) को भी पार किया। इस प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान दिलाई।
प्रतियोगिता में उतार-चढ़ाव
भले ही ईरान के सादेघ बेइत सायाह ने अंतिम क्षणों में 47.64 मीटर के साथ नवदीप को पीछे छोड़ दिया था, लेकिन अनुचित आचरण के कारण उन्हें बाद में अयोग्य करार दिया गया। इस घटनाक्रम ने नवदीप को पहला स्थान वापस दिला दिया।
विश्व पैरा एथलेटिक्स में भी चमके
नवदीप ने न केवल पैरालिंपिक्स में, बल्कि विश्व पैरा एथलेटिक्स में भी कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह प्रदर्शन उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
भारत के लिए पदकों की झड़ी
पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स में यह भारत का 29वां पदक है और पैरा एथलेटिक्स में 17वां पदक है। इसके अलावा, सुमित अंतिल ने F64 वर्ग में स्वर्ण पदक और अजीत सिंह तथा सुंदर सिंह गुर्जर ने क्रमशः F46 वर्ग में रजत और कांस्य पदक जीता।
नवदीप की यात्रा और भविष्य की योजनाएँ
नवदीप का कहना है, “यह मेडल मेरे जीवन में बहुत महत्व रखता है। मैंने वर्षों की प्रतीक्षा और कठिन परिश्रम के बाद पैरालिंपिक खेलों में पोडियम पर जगह बनाई है।” उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए भी एक
मील का पत्थर साबित हुई है।
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