भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। भारत की इस कड़ी प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान ने जो किया, वह जानकर आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
पानी नहीं तो नहर का क्या फायदा?
भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद पाकिस्तान सरकार ने अपने विवादित चोलिस्तान नहर परियोजना (Cholistan Canal Project) को रोकने का फैसला किया है। सोचने वाली बात ये है कि जब भारत से पानी ही नहीं आएगा, तो पाकिस्तान नहर बनाकर आखिर करेगा क्या?
सिंध प्रांत में मचा बवाल
गौरतलब है कि फरवरी में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने चोलिस्तान नहर परियोजना का उद्घाटन किया था। इसका मकसद पंजाब प्रांत के रेगिस्तानी इलाकों को सींचना था। लेकिन इस कदम ने सिंध प्रांत में बवाल खड़ा कर दिया।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) समेत कई राजनीतिक दलों ने इस प्रोजेक्ट के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हैरानी की बात ये है कि PPP खुद केंद्र में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के साथ गठबंधन सरकार का हिस्सा है।
शरीफ और बिलावल का सुर एक जैसा
भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने PPP के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने मिलकर फैसला लिया कि विवादित चोलिस्तान नहर परियोजना को फिलहाल के लिए रोक दिया जाएगा।
यह भी तय किया गया कि इस मुद्दे पर कोई भी अंतिम निर्णय तब तक नहीं लिया जाएगा जब तक ‘काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट’ (Council of Common Interests) — जो प्रांतों के बीच विवादों को सुलझाने वाला उच्चस्तरीय निकाय है — में सर्वसम्मति नहीं बन जाती।
पीएम शहबाज शरीफ ने दिया बड़ा बयान
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा,
“PPP और PML-N के बीच बैठक में यह निर्णय हुआ है कि जब तक सभी प्रांतों के बीच आपसी सहमति नहीं बनती, तब तक कोई नई नहर नहीं बनेगी।”
निष्कर्ष
भारत के सख्त कदम के बाद पाकिस्तान की हड़बड़ी साफ नजर आई। पानी की आपूर्ति पर संकट के चलते पाकिस्तान के अंदर ही राजनीतिक बवाल मच गया है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान भविष्य में इस जल संकट से कैसे निपटेगा, क्योंकि बिना पानी के नहर बनाने की योजना पर तो सच में हंसी ही आती है!

