यूक्रेन के बदलते सुर: जेलेंस्की ने रूस से शांति समझौते की बात की, क्या ट्रंप की वापसी का डर है?
कीव/मॉस्को – रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने रूस के साथ शांति समझौते की संभावनाओं पर चर्चा की है। यह बदलाव इस समय चल रहे युद्ध के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है और इसे अमेरिकी राजनीति में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

जेलेंस्की का नया रुख
यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध पिछले दो वर्षों से जारी है। हाल ही में, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने बयान में रूस के साथ शांति समझौते की संभावना को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि रूस को आगामी शांति शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए, जो नवंबर में प्रस्तावित है। यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में स्विट्जरलैंड में आयोजित शांति सम्मेलन में रूस को आमंत्रित नहीं किया गया था, जो जेलेंस्की की रूस की पूर्ण वापसी की शर्त पर आधारित था।
जेलेंस्की के सुर बदलने की वजहें
जेलेंस्की के सुर में यह बदलाव कई कारणों से हो सकता है। पूर्व अमेरिकी राजदूत जॉन हर्बस्ट के अनुसार, अमेरिका में हो रही राजनीतिक गतिविधियाँ इस बदलाव का कारण हो सकती हैं। हाल ही में, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को समर्थन भेजने के कट्टर विरोधी जेडी वेंस को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया। यह भी संभावना है कि जेलेंस्की ट्रंप प्रशासन के संभावित भविष्य के मद्देनजर अपने रुख में बदलाव कर रहे हैं।
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बातचीत
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, जेलेंस्की और ट्रंप के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई थी। ट्रंप ने इस बातचीत में कहा कि वे दुनिया में शांति लाने और युद्ध को समाप्त करने के लिए तैयार हैं। जेलेंस्की ने इस दौरान कहा कि शांति समझौता उचित होना चाहिए और रूस को यूक्रेन के लोगों पर अत्याचार करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
इजरायल और पश्चिमी सहयोगी
यूक्रेन के लिए अमेरिकी और जर्मन समर्थन जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन जेलेंस्की के रुख में बदलाव का संकेत है कि उन्हें युद्ध के अंत की दिशा में नई रणनीति की जरूरत महसूस हो रही है। पुतिन ने भी हाल के महीनों में यूक्रेन के साथ बातचीत की इच्छाशक्ति जताई है, लेकिन उनकी शर्तें ऐसी हैं जिन्हें यूक्रेन और उनके पश्चिमी सहयोगी स्वीकार नहीं कर सकते।
